Bharatiya Sanskriti Aur Sadhana (Vol.2) / भारतीय संस्कृति और साधना (द्वितीय खण्ड)
Author
: Gopinath Kaviraj
Language
: Hindi
Book Type
: General Book
Publication Year
: 2009
ISBN
: 8AGBSASH
Binding Type
: Hard Bound
Bibliography
: xii + 354 Pages, Index, Size : Demy i.e. 22.5 X 14.5 Cm.

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भारतीय संस्कृति और साधना का द्वितीय खण्ड भारतीय विद्या के महान् मनीषी एवं संस्कृति तथा साधना के तत्त्वान्वेषी साधक पुण्यश्लोकी म०म० डॉ० गोपीनाथ कविराज जी के 21 सारभूत निबन्धों का संग्रह है। यह संग्रह प्रथम खण्ड के निबन्धोंं का ही पूरक है। इसलिए प्रथम खण्ड का पूर्णता एवं सांगता इस द्वितीय खण्ड के बिना सम्भव नहीं है। निबन्धों में प्रतिपादित संस्कृति और साधना के गूढ़ तत्त्वों का विश्लेषणात्मक निष्कर्ष भारतीय संस्कृति के विराट् स्वरूप का बिन्दुमात्र निदर्शन है, जैसे दृश्य-अदृश्य असीम ब्रह्मïाण्ड के साक्षी ये चमकते ग्रह, नक्षत्र और तारे हैं। ये निबन्ध संस्कृति-साधना की इयत्ता के मापक नहींं कहे जा सकते, केवल साक्ष्य-निदर्शन है। इस प्रकार, प्राचीनतम भारतीय संस्कृति-साधना के रहस्य को जन-साधारण और प्राज्ञ पाठकों के समक्ष प्रकट करने की अनन्य क्षमता श्रीकविराज जी जैसे महॢषकल्प साधकों में ही हो सकती है। इस सत्प्रयास के लिए भारतीयता के समर्थक तथा तत्त्वान्वीक्षण-प्रवण विद्वान् श्रीकविराज जी के चिर आभारी रहेंगे। भारतीयता, विश्व की प्राचीनतम संस्कृति और साधना के प्रति की गई तर्कपूर्ण पुन:प्रतिष्ठा ही श्रीकविराज जी की शाश्वत स्मारिका बनी रहेगी। सार्वभौम भारतीय संस्कृति की यह विस्तृत व्याख्या विदग्ध जिज्ञासुओं की जिज्ञासा की न केवल तात्त्विक पूॢत करेगी, वरन् आत्मतोष एवं सही जानकारी भी देगी।