Swarga Ka Ullu / स्वर्ग का उल्लू (प्रमुख व्यंग्य रचनाएँ)
Author
: N.V. Sapre
Language
: Hindi
Book Type
: General Book
Publication Year
: 2008
ISBN
: 9788189498283
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: viii + 108 Pages + Size : Demy i.e. 22.5 x 14.5

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स्वर्ग का उल्लू समय-समय पर लिखे गए सप्रेजी के व्यंग्यजन्य लेखों का संकलन है। सप्रेजी ने समाज में दिखाई पडऩे वाली छोटी सी छोटी बातों और मानवीय हरकतों को अपने व्यंग्य का विषय बनाया है। जैसे गर्दन हिलाना, फोटो ङ्क्षखचवाना, खर्राटे भरना, नाक से बोलना, नहाना और सोना। विषय छोटे है लेकिन इनके बहाने बातें बड़ी की गई हैं और वे भी इतने अनौपचारिक और सहज ढंग से आत्मीयता के साथ कि पढऩे के तनाव का अहसास ही नहीं होता... हरिशंकर परसाई ने व्यंग्य को हथियार कहा है, सप्रे ने उससे झाड़ू का काम लिया है-सामाजिक कुरीतियों, पाखंडों, गंदी हरकतों और आदतों को बुहार कर बाहर करने का काम।