Hara-Bhara Chanda (Science Fiction) / हरा-भरा चाँद [साइंस फिक्शन (विज्ञान वैचित्र्य कहानियाँ)]
Author
: Dr. Bhanu Shankar Mehta
Language
: Hindi
Book Type
: General Book
Publication Year
: 2009
ISBN
: 9788171246854
Binding Type
: Hard Bound
Bibliography
: xx + 116 Pages, Size : Demy i.e. 22.5 x 14.5 Cm.

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हिन्ïदी या भारतीय भाषाओं में तथा प्राचीन साहित्ïय में विज्ञान-कथा शोध का विषय है जो शायद कोई विश्ïवविद्यालय अपने शोध छात्र को अन्ïवेषण हेतु दे। मैंने तो बड़े चाव से हिन्ïदी, अंग्रेजी विज्ञान-कथाएँ पढ़ी हैं और प्रस्ïतुत कहानियाँ उसी का प्रसाद है। विश्ïव आकार की कल्पनाएँ और 'ब्रह्मïाण्ïडÓ शब्ïद को खींचकर एक कल्पना की है। सौ वर्ष पूर्व ऑपरेशन कैसे होते थे (गुलनार) (इसका एक चित्र लखनऊ के मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग के संग्रहालय में देखा था), स्ïक्रू पर बने अंग (अंग प्रत्ïयारोपण का विकल्ïप), पुरुष-स्ïत्री का सहज परिवर्तन (ही-शी-या), ओषजन की गोलियाँ (दून की दवा) अंग प्रत्ïयारोपण—बेताल पचीसी में हरवदन कथा का सूत्र लेकर (चाँद की चाँद पर) कल्ïपना की उड़ान, मंगल ग्रह, चन्ïद्रमा आदि की बातें और सूर्य में शरीर को भस्ïम करने की कल्ïपना (अंत्ïयेष्ïटी), समानान्ïतर जगत (कोयना भूकम्प), उपयोगी जीवाणुओं का नाश (दही नहीं जमा) या यदि केवल पुत्र ही हों (पुत्रदा) तो क्ïया हो? इस प्रकार की खींचतान करके ये कथाएँ लिखी हैं, निराधार नहीं हैं। वर्तमान विज्ञान में इनके सूत्र हैं। —डॉ० भानुशंकर मेहता