Hindi Upanyas / हिन्दी उपन्यास
Author
: Ramchandra Tiwari
Language
: Hindi
Book Type
: Reference Book
Category
: Hindi Literary Criticism / History / Essays
Publication Year
: 2010
ISBN
: 9788171245116
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: viii + 204 Pages, Size : Demy i.e. 22.5 x 14.5 Cm.

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हिन्दी उपन्यास के पूरे विकास को ध्यान में रखकर देखा जाय, तो कहा जा सकता है कि सीमित अवधि में हिन्दी-उपन्यास ने सौ वर्षों की यात्रा पूरी की है। आधुनिक उपन्यास का जनक डेनियल डिफो को माना जाता है। इस प्रकार योरप ने जो यात्रा ढाई-तीन सौ वर्षों में पूरी की है, उसे हिन्दी लेखकों ने पिछले सौ वर्षों में पूरा कर दिखाया है। आज हिन्दी उपन्यास के क्षेत्र में अनेक प्रकार के प्रयोग हो रहे हैं। यद्यपि अभी हम विश्व के श्रेष्ठ उपन्यासों के स्तर से काफी पीछे हैं और यह आशंका भी व्यक्त की जा रही है कि कहीं हिन्दी-उपन्यास 'अपना पूरा स्तर प्राप्त किये बिना ही अकाल मृत्यु को प्राप्त न हो जायÓ किन्तु नयी पीढ़ी की उपलब्धियों को देखते हुए यह आशंका निर्मूल प्रतीत होती है। आज हिन्दी उपन्यास की कथा भूमि काफी विस्तृत और वैविध्यपूर्ण हो चुकी है। संवेदना के स्तर पर भी हिन्दी-उपन्यास जीवन के अनेक अपरिचित स्तरों को प्रस्तुत कर रहा है। महानगरीय जीवन के अनेक स्तरों, आंचलिक जीवन के अनेक उभरे दबे कोनों निम्नमध्यमवर्गीय जीवन की विडम्बनाओं, ग्रामीण जीवन के संघर्षों, अवरोधों और टूटते-बनते रिश्तों, नारी जीवन की यातनाओं और त्रासदियों तथा ऐतिहासिक-पौराणिक जीवन की पुनव्र्याख्याओं से समृद्ध होता हुआ, हिन्दी उपन्यास संभावना के नये क्षितिज का द्वार मुक्त कर रहा है। समाज में चिर उपेक्षितों-हरिजनों, जन-जातियों एवं अस्पृश्यों- के जीवन के प्रति सच्ची संवेदना और गहरी सहानुभूति इधर के कुछ उपन्यासों में देखी जा सकती है, इन्हीं वर्गों से आने वाले लेखक अब तल्ख स्वर में सामाजिक न्याय की माँग करने लगे हैं।