Aalochak Ka Antardarshan (Dr. Kanhaiya Singh : Srijan aur Chintan) / आलोचक का अन्तर्दर्शन (डॉ० कन्हैया ङ्क्षसह : सृजन और चिन्तन)
Author
: Shriram Sharma
  Kamal Kishore Goyanka
Language
: Hindi
Book Type
: Reference Book
Category
: Biographies / Autobiographies
Publication Year
: 1997
ISBN
: 9VPAKAH
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: iv + 112 Pages, Size : Demy i.e. 22.5 x 14.5 Cm.

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डॉ० कन्हैया ङ्क्षसह हिन्दी भाषा और साहित्य के अनवरत रूप से साधक हैं। उन्होंने अत्यन्त विषम परिस्थितियों में अपनी साहित्य-साधना की ज्योति धूमिल नहीं होने दी। साहित्य-चिन्तन में उन्होंने नवीन दृष्टिकोण की स्थापना की है और वे नयी खोजों के सहारे हिन्दी साहित्य के अज्ञात क्षेत्रों की सामग्री संकलित करते रहे हैं। ये मेरे प्रिय शिष्य रहे हैं। अध्ययन-काल में भी मैं उनके मौलिक दृष्टिकोण से प्रभावित रहा हूँ। उन्होंने हिन्दी के विविध क्षेत्रों में अपनी रूचि प्रदॢशत की है। स?पादन-कला, निबन्ध-कला और कोज उनकी प्रेरणा के विषय रहे हैं।