Aadhunik Vigyapan : Kala Evam Vyavahar / आधुनिक विज्ञापन : कला एवं व्यवहार
Author
: Arjun Tiwari
Language
: Hindi
Book Type
: Text Book
Publication Year
: 2010
ISBN
: 9788171247158
Binding Type
: Hard Bound
Bibliography
: xii + 240 pges, Size : Demy i.e. 22.5 x 14.5 Cm.

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जर्नलिज़्म का एक बलशाली, प्रभावकारी स्वरूप 'मार्केट ओरिएण्टेड जर्नलिज़्मÓ है। समाचारपत्र बाजार-मित्र, ग्राहक-मित्र, उपभोक्ता-मित्र हो चुके हैं। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया इसी के चलते गोल्ड, ग्लोरी और ग्लैमर का पर्याय है। लाल रुधिर-कण के रूप में मीडिया की रगों में प्रवाहित होने वाला विज्ञापन आज सर्वसमर्थ सत्ता के रूप में सुप्रतिष्ठित है। व्यवसाय-जगत का शुभेच्छु, औद्यौगिक क्रान्ति का अग्रदूत, राष्ट्र-हित का चिन्तक, पब्लिक वेलफेयर का प्रमोटर, विपणन का प्रेरक, बेहतर जीवन-स्तर की कामना पैदा करने वाला हमदर्द विज्ञापन अपने में एक मनोरम कला, व्यवसाय-प्रबन्धन का साधन, रोजगार का विस्तृत क्षेत्र है जिसके सन्दर्भ में यह ग्रन्थ प्रस्तुत है। विज्ञापन की अवधारणा, मार्केङ्क्षटग, पब्लिसिटी, विज्ञापन के मॉडल, विज्ञापन-माध्यम, विज्ञापन एजेंसी, विज्ञापन अपील, विज्ञापन-अभियान, ब्राण्ड ए?बेसडर, विज्ञापन बजट, संचार-क्रान्ति और विज्ञापन, विज्ञापन का इतिहास, विज्ञापन अनुसंधान-स?बन्धी विभिन्न तथ्यों को चार्ट, रेखाचित्र तथा उदाहरण के द्वारा विषय-वस्तु को बोधग?य बनाने का प्रयास किया गया है। 'विज्ञापन और आधी दुनियाÓ, 'भ्रामक विज्ञापनÓ, 'आधुनिक विज्ञापनÓ जैसे अध्यायों में विज्ञापन के अधुनातन स्वरूप के प्रति बुद्धिजीवियों की चिन्ता का विश्लेषण है। विज्ञापन को विवादरहित बनाने के निमित्त 'अधिनियम एवं आचार-संहिताÓ को विशद रूप में उपस्थापित कर बाजार की अशोभनीय अद?य लालसा को नियंत्रित करने का मन्त्र बतलाया गया है। विज्ञापन, विपणन, प्रचार, जनस?पर्क में लगे युवक-युवतियों हेतु यह ग्रन्थ प्राणद-स्पर्श सिद्ध होगा।