Bhaugolik Chintan Ke Aayam / भौगोलिक चिन्तन के आयाम
Author
: Shrikant Dikshit
  A. K. Singh
Language
: Hindi
Book Type
: Text Book
Publication Year
: 2013
ISBN
: 9788171249367
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: xii + 308 Pages; Size : Demy i.e. 21.5 x 14.5 Cm.

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भौगोलिक चिन्तन स?पूर्ण भौगोलिक अध्ययन का आधार है। भूगोल की विभिन्न शाखाओं में शोध की अग्रभूमि भी भौगोलिक चिन्तन पर ही आधारित है। इसका समग्र अध्ययन किये बिना भूगोल के किसी परिक्षेत्र में सफलतापूर्वक कार्य कर पाना दुष्कर है क्योंकि भौगोलिक चिन्तन का ज्ञान इसके विकास के मूल में सन्निहित है। प्राकृतिक एवं मानव भूगोल की सभी शाखाओं में प्रयुक्त सिद्धान्त, उसके विविध पक्ष व आयाम भौगोलिक चिन्तन से ही नि:सृत सिद्धान्तों पर अवल?िबत है। भौगोलिक चिन्तन के अध्ययन से पाठकों व विद्याॢथयों को भौगोलिक मर्म (श्वह्यह्यद्गठ्ठष्द्ग) को समझने में आसानी होती है। भौगोलिक चिन्तन के सभी आयामों को एक दृष्टि में प्रस्तुत कर पाना बहुत ही श्रमसाध्य है, लेकिन प्रस्तुत पुस्तक में विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों के विद्याॢथयों एवं स?बन्धित शिक्षकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनके लिए क्रमबद्ध एवं समग्र सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। प्रस्तुत पुस्तक स्नातकोत्तर एवं प्रतियोगी परिक्षाओं के छात्रों की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर लिखी गयी है। भौगोलिक चिन्तन का विषय बहुत ही गूढ़ समझा जाता रहा है। इसलिए पुस्तक में विषयवस्तु को यथास?भव सरल ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, जिससे छात्रों को उन्हें समझने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। स्थान-स्थान पर हिन्दी के गूढ़ शब्दों के साथ अंग्रेजी के मूल एवं भावात्मक शब्दों का प्रयोग किया गया है और प्रत्येक अध्याय के अन्त में उसमें वॢणत विषय वस्तु से स?बन्धित सन्दर्भों को प्रस्तुत करने का प्रयत्न किया गया है।