Aadhunik Kavya Sangrah (Ramveer Singh) / आधुनिक काव्य संग्रह
Author
: Ramveer Singh
  Kendriya Hindi Sansthan, Agra
Language
: Hindi
Book Type
: Reference Book
Publication Year
: 2013
ISBN
: 9788171249305
Binding Type
: Hard Bound
Bibliography
: xxxxviii + 476 Pages, Size : Demy i.e 21.5 x 13.5

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A Unique Collection of Poems of Foremost Hindi Poets. 1. Bhartendu Harishchandra, 2. Maithali Sharan Gupta, 3. Ayodhya Singh Upadhyaya 'Hariaodh', 4. Jai Shankar Prasad, 5. Suryakant Tripathi 'Nirala', 6. Sumitranandan Pant, 7. Mahadevi Verma, 8. Harivansh Rai 'Bachchan', 9. Makhanlala Chaturvedi, 10. Balkrishna Sharma, 'Naveen', 11. Randhari Singh Dinkar, 12. Ramkumar Verma, 13. Narendra Sharma, 14. Sachchidanand Hiranand Vatsyayan 'Agyeya', 15. Balkrishna Rao, 16. Dharmaveer Bharti, 17. Naresh Mehata, 18. Girijakumar Mathur, 19. Nagarjun, 20. Gajanan Madhav Muktibodh, 21. Shivmangal Singh 'Suman', 22. Shamsher Bahadur Singh, 23. Kedarnath Agarwal, 24. Sarveshwardayal Saxena, 25. Bhawani Prasad Mishra, 26. Shrikant Verma, 27. Dhumil

प्रमुख हिन्दी कवियों की कविताओं का अनूठा संग्रह। अनुक्रम : भूमिका, 1. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र : भारत वीरत्व, हिन्दी भाषा, स्फुट कविताएँ, यमुना शोभा / 2. अयोध्याङ्क्षसह उपाध्याय 'हरिऔधÓ, [1886-1964 ई०] : प्रियप्रवास (षष्ठ सर्ग) / 3. मैथिलीशरण गुप्त : कैकेयी अनुताप, उॢमला, यशोधरा, व्यापार, विविध प्रसंग / 4. माखनलाल चतुर्वेदी [1889ृ1968 ई०] : कैदी और कोकिला, जवानी, गीतों के राजा, उन्मूलित वक्ष, पुष्प की अभिलाषा, प्राण का शृंगार / 5. जयशंकर 'प्रसादÓ, [1890-1937 ई०] : श्रद्धा, निर्वेद, आँसू, हे लाज भरे सौन्दर्य बता दो, ले चल वहाँ भुलावा देकर, मुझको न मिला रे कभी प्यार, अरुण यह मधुमय देश हमारा / 6. बालकृष्ण शर्मा 'नवीनÓ [1897-1960 ई०] : प्रिय ! लो, डूब चुका है सूरज, ओ हिरनी की आँखों वाली, जग चुकी है वॢतका, पराजय गीत / 7. सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निरालाÓ, [1899-1969 ई०] : जुही की कली, सन्ध्या सुन्दरी, यामिनी जागी, बाँधो न नाव, स्नेह निर्झर, सरोज-स्मृति, तुम और मैं, भिक्षुक, विधवा, जागो फिर एक बार / 8. सुमित्रानन्दन पंत [1900-77 ई०] : प्रथम रश्मि, नौका विहार, एक तारा, मौन-निमन्त्रण, द्रुत झरो, वाणी, ताज, परिवर्तन, भारतमाता, धरती कितनी देती है / 9. रामकुमार वर्मा [1905-90 ई०] : जागरण की ज्योति, तिरस्कार, मौन करुणा, एकलव्य : गुरु दक्षिणा / 10. महादेवी वर्मा [1907-87 ई०] : कौन पहुँचा देगा उस पार, मधुर वह था मेरा जीवन, दूर के संगीत सा वह कौन है, विरह की घडिय़ाँ हुई अलि मधुर मधु की यामिनी-सी, मैं नीर भरी दुख की बदली, धीरे-धीरे उतर क्षितिज से आ वसन्त-रजनी, यह मन्दिर का दीप इसे नीरव जलने दो, पिक, हौले-हौले बोल, अपरिचित पथ, रे पपीहे पी कहाँ?, क्या जलने की रीति शलभ, प्रिय पथ के यह शूल, चुभते ही तेरा अरुण बान, यह विदा वेला / 11. हरिवंशराय 'ब"ानÓ, [1907-2002 ई०] : प्राण संध्या झुक गई, तुम गा दो मेरा गान, इस पार-उस पार, अँधेरी रात मेंं, पपीहा और चील-कौए, पथ की पहचान, लहरोंं का निमन्त्रण, अमर है मरने का सन्देश, स्वप्न में तुम हो, तुम्हीं हो जागरण में, 12. रामधारीङ्क्षसह 'दिनकरÓ [1908-74 ई०] : हिमालय, बालिका से वधू, वन-फूलोंं की ओर, गीत-अगीत, प्रभाती, कुन्ती और कर्ण, बुद्धदेव / 13. नागार्जुन [1911-98 ई०] : कालिदास, बादल को घिरते देखा है, हिम-कुसुमों का चंचरीक! दर्पण, तुम किशोर, तुम तरुण / 14. सि"ादानन्द हीरानन्द वात्स्यायन, 'अज्ञेयÓ, [1911-87 ई०] : बावरा अहेरा, कलगी बाजरे की, रात होते-प्रात होते, साँप के प्रति, सागर के किनारे, यह दीप अकेला, छब्बीस जनवरी, हमारा देश, 15. शमशेर बहादुर ङ्क्षसह [1911-93 ई०] : घिर गया है समय का रथ, बात बोलेगी, 16. केदारनाथ अग्रवाल [१९११-२००० ई०] : खेत का दृश्य, पक्षी दिन, 17. बालकृष्ण राव [1993-75 ई०] : फिर हँसी पाञ्चाली, डूबता सूर्य, नाग यज्ञ, आज ही होगा, मील देवी / 18. भवानी प्रसाद मिश्र [1994-85 ई०] : लुहार से, गाँव, मेरे नेता, अज्ञात पंछी, मंगल-वर्षा, गीत फरोश /