Rangbhumi [PB] / रंगभूमि (पेपर बैक)
Author
: Premchand
Language
: Hindi
Book Type
: Text Book
Category
: Hindi Novels / Fiction / Stories
Publication Year
: 2013
ISBN
: 9788171249657
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: xxviii + 428 Pages, Size : Demy i.e. 21.5 x 13.5 C

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हिन्दी कथा साहित्य में सर्वाधिक पढ़े जाने वाले कथाकारों में आज भी संभवत: प्रेमचंद ही हैं। आज समस्याएँ बदल गयी हैं, चित्रित परिवेश पुराना हो गया है, मूल्यों में ज़मीन-आसमान का अंतर गया है, र्णि गाँव और शहरों के वातावरण में आमूलचूल परिवर्तन हो चुका है, लेकिन तब भी प्रेमचंद के कथा-साहित्य की 'प्रासंगिकता’/ 'पठनीयता’/ 'लोकप्रियतामें कोई विशेष अन्तर नहीं आया है। प्रेमचंद 'पठनीयताके साथ-साथ 'स्तरीयताका निर्वाह करने में समर्थ सिद्ध होते हैं। वे मानव-स्वभाव के बहुत गहरे अध्येता हैं। इसका एक बड़ा प्रमाण यही है कि मानव-स्वभाव के गहन विवेचन के क्रम में जितनी सूक्तियाँ प्रेमचंद कथा-साहित्य में देते चलते हैं, उतनी शायद ही कहीं और मिलें। व्यक्ति का यह गहन परिचय और विश्लेषण सामाजिक संघर्षों की चक्की में पड़ कर उनके कथा-साहित्य को वह 'दीप्तिदे देता है जो इतने वर्ष बीत जाने पर भी धूमिल नहीं पड़ी है। 'रंगभूमि प्रेमचंद के कथा-साहित्य का अत्यन्त ही बेशकीमती नगीना है। अनेक साहित्यकार 'रंगभूमिको उनके विश्वप्रसिद्ध उपन्यास 'गोदानसे भी ज्यादा महत्त्वपूर्ण मानते हैं। 'रंगभूमिका प्रकाशन 1925 में हुआ। यह उनका वह अन्तिम उपन्यास है जिसे उन्होंने पहले उर्दू में लिखकर पुन: हिन्दी में अनुवाद लिप्यंतरण किया। पचास परिच्छेदों में विभक्त इस वृहद कलेवर वाले उपन्यास में कृतिनायक सूरदास के माध्यम से गाँधीवादी हिंसात्मक आन्दोलन तथा औद्योगिकीकरण की प्रक्रिया का विरोध चित्रित किया गया है।