Ganesh Chautha (Ganesha Chautha) / गनेस चउथ (गणेश चौथ)
Author
: Dr. Suryakant Tripathi
Language
: Hindi
Book Type
: Reference Book
Publication Year
: 2015
ISBN
: 9789351461180
Binding Type
: Hard Bound
Bibliography
: xx + 124Pages, Append.; Size : Demy i.e. 22.5 x 14

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भारतीय लोक-कथाओं की पर?परा बहुत प्राचीन है। इन्हीं कथाओं के विभिन्न रूप दूसरे देशों में भी फैले हुए पाये जाते हैं। भारत में ही विभिन्न प्रान्तों की लोक-कथायें प्राय: भाषा के बाहरी स्वरूप को छोड़कर बहुत-सी बातों में समान हैं। इसका कारण यह है कि आदिमानव का विकास संसार के सभी देशों में एक ही प्रकार की परिस्थितियों में हुआ। भारतीय लोक-कथाओं का तो अपना विशेष महत्त्व है। उनकी प्रवृत्तियों के विषय में यह बात प्रसिद्ध है कि उनके प्रमुख लक्षणों की पुनरावृत्ति प्राय: अन्य कथाओं में होती रहती है। वस्तुत: यह एक व्यापक सिद्धान्त है जो नृतत्त्ववेत्ताओं का ध्यान लोक-कथाओं की ओर आकॢषत करता है। पंजाब, बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मेवाड़, निमाड़ प्रभृति स्थानों में पायी जाने वाली लोक-कथाओं में बहुश: कथाएँ परस्पर विषय-वस्तु, पात्र, चित्रण, शैली और तन्त्र में सादृश्य रखती हैं। एल्विन के अनुसार भारतीय कथा-साहित्य वास्तव में एशियाई कथा-साहित्य है। तिब्बती, मंगोली, बर्मी एवं चीनी कथा-साहित्य उसी का रूपान्तर है। एक समय यह धारणा बलवती थी कि विश्वभर की कहानियों का मूल स्थान एक है। वहीं से चलकर वे विश्वभर में फैली हैं। इस ओर बेन्फी ने यह सिद्ध किया है कि वह मूल स्थान भारत ही है।