Hindi Patrakarita Aur Pt. Balkrishna Bhatta / हिन्दी पत्रकारिता और पं० बालकृष्ण भट्टï
Author
: Prasiddha Narayan Choubey
Language
: Hindi
Book Type
: Reference Book
Publication Year
: 2016
ISBN
: 9789351461425
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: x + 84 Pages; Size : Demy i.e. 22.5 x 14.5 Cm.

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हमारे देश में जाति का इतना जोर है कि अब तक इतनी हलचल हुई, प्राय: बहुत सी पुरानी बातें लुप्त हो गईं, बहुत से मत-मतान्तर ऐसे फैले जिसने इसे जड़-पेड़ से उखाडऩा चाहा—पर यह जाति पिशाची अभी तक जैसी थी वैसी बनी हुई है। जैसा बेहूदा तरीका बिरादरी का इस समय प्रचलित है उससे कभी आशा नहीं की जा सकती कि जाति-पाँति के सत्यानाश के बिना हुए, उन्नति की हजार-हजार चेष्टा करने पर भी हमारी या हमारे देश की कभी तरक्की होगी। स्वाधीनता की नाक काटनेवाली इस जाति-पाँति की कुरीति देख यही मन में आता है कि हे परमेश्वर हमने कौन-सा पाप किया था जिसका फल भोगने को ऐसे कुलच्छिनी समाज में तूने हमें पैदा कर दिया? —पं० बालकृष्ण भट्टï हिन्दी प्रदीप, जात-पाँत, अप्रैल 1889 ई., पृष्ठ-17