Ekant Chintan [PB] / एकान्त चिन्तन (पेपर बैक)
Author
: Swami Pratyagatmananda Saraswati
  Shri S.N. Khandelwal
Language
: Hindi
Book Type
: Reference Book
Publication Year
: 2016
ISBN
: 9788189498832
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: xii + 112 Pages; Size : Demy i.e. 21 x 14 Cm.

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'जपसूत्रम्Ó जैसे विशाल ग्रन्थ के प्रणेता परमाराध्य स्वामी प्रत्यगात्मानन्द सरस्वती ने अपने प्रज्ञालोक द्वारा जीवन के एकान्त क्षणों में जिस यथार्थ को प्रत्यक्ष किया था, यह ग्रन्थ उसी का व्यक्त सारस्वत स्वरूप है। वे अपनी प्रज्ञा के प्रकाश में अनन्त पथ पर नभचारी पक्षी की तरह अत्यन्त उध्र्वगामी होकर विहंगम दृष्टि द्वारा जगत का अवलोकन करके जो कुछ यथार्थ देखते हैं, यह उसी का वाङ्गïमय स्वरूप है। स्वामीजी के इत:स्तत: बिखरे लेखों को एकत्र करके 'एकान्त चिन्तनÓ नामक ग्रन्थ के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह कृति स?पूर्णत: उनकी ही वस्तु है। इस ग्रन्थ का कलेवर बृहद नहीं है। भाषा भी 'जपसूत्रम्Ó की तरह अगम नहीं है। सब कुछ सरल, स्पष्ट तथा सार्वजनीन है। मनुष्य के अन्तर के गुप्त गहन कोष की वेदना से स?पूर्ण कृति ओत-प्रोत है। यह है एक महामानव का सामान्य धरातल पर उतर कर माॢमक सन्देश जनसाधारण को देना। मानो आकाश धरातल पर उतर कर मृत्तिका का आङ्क्षलगन कर रहा है। पशुत्व से हटाकर देवत्व की यात्रा का पथ प्रदर्शन कर रहा है।