Agyat Mahatma Prasang tatha Pt. Gopinath Kaviraj Patravali / अज्ञात महात्मा प्रसंग तथा पं. गोपीनाथ कविराज पत्रावली
Author
: Gopinath Kaviraj
  S.N. Khandelwal
Language
: Hindi
Book Type
: General Book
Category
: Bio/Auto-Biographies - Spiritual Personalities
Publication Year
: 2018, 1st Edition
ISBN
: 9789387643031
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: xii + 160 = 172 Pages

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मनीषी रायबहादुर अक्षयकुमारदत्तगुप्त का महान् विद्वान महामहोपाध्यायय पं. गोपीनाथ कविराज से बाल्यावस्था से ही अटूट सम्बन्ध रहा है, जो कविराज जी के साथ उनके महाप्रयाणपर्यन्त चलता रहा। दत्तगुप्तजी तथा कविराजजी के गुरु तथा मार्गदर्शक थे महात्मा विशुद्धानन्द परमहंस। इनका गुरु-आश्रम तिब्बत में ज्ञानगंज नाम से स्थित है, ऐसा ग्रन्थों में उल्लेख है। वहाँ के रहस्यमय योग अखण्ड महायोग की गुप्त प्रक्रिया तथा उसके उद्देश्य सर्वमुक्त का महास्वप्न इस ग्रन्थ में समाहित पत्रों में वर्णित है। इस सम्बन्ध में ये सभी पत्र इन दत्तगुप्त महाशय को कविराजजी ने लिखे थे। कालक्रम से अनेक पत्र नष्ट हो गये। जो 18 पत्र उपलब्ध हो सके, वे उस योगधारा तथा सर्वमुक्ति के महास्वप्न के सम्बन्ध में किंचित संकेत प्रदान करते हैं।
इस ग्रन्थ में इन पत्रों के साथ-साथ तत्कालीन ऐसे महात्माओं के प्रसंग भी संयोजित किये जा रहे हैं। जो यश, प्रचार आदि से दूर रहते हुए प्रच्छन्न रूप से चिन्तन, मनन, ध्यान तथा जीवन के क्षणों का सदुपयोग करते हुए एक आदर्श प्रस्तुत कर गये हैं। इनकी पूरी जीवनयात्रा सामान्य मनुष्य के लिए एक पथप्रदीप का कार्य करके उसे भी सत्मार्गगामी होने के लिए प्रेरित करती रहेगी।
ग्रन्थ में पत्रावली के पहले इन महात्माओं के प्रसंग है। ये महात्मा अपने जीवनकाल तक में लोकलोचन से अगोचर तथा गुप्त जीवन व्यतीत करते थे। यद्यपि वे आज हमारे बीच नहीं हैं, तथापि उनका सन्देश, उनकी स्वार्थ-विमुक्त जीवन-शैली प्रत्येक भावुक को अनुप्राणित करेगी। जहाँ तक उपलब्ध हो सका, इन महात्माओं के चित्र तथा उनकी उपदेशावली भी संयोजित की जा रही है।