Muktibodh Aur Unki Kavita / मुक्तिबोध और उनकी कविता
Author
: Dr. Brijbala Singh
Language
: Hindi
Book Type
: Reference Book
Publication Year
: 2004
ISBN
: 8171243746
Binding Type
: Hard Bound
Bibliography
: xx +188 Pages, Biblio., Size : Demy i.e. 22.5 x 14.5 Cm.

MRP ₹ 180

Discount 20%

Offer Price ₹ 144

स्वतंत्रता पूर्व १९४३ में अज्ञेयजी ने 'तारसप्तकÓ प्रकाशित किया था, गजानन माधव मुक्तिबोध 'तारसप्तकÓ के प्रथम कवि थे। 'तारसप्तकÓ से मुक्तिबोध के संघर्षशील विचारक एवं चिन्तक कवि का स्वरूप प्रगट हुआ। उनकी दृष्टि माक्र्सवादी थी। वे कल्पनाशील कवि थे। अपने राजनीतिक चिन्तन की अभिव्यक्ति वे फैंटेसी के माध्यम से करते थे। सौन्दर्यशास्त्रीय चिन्तन करते या साहित्यिक रचनाओं में अपनी संवेदना की अभिव्यक्ति, उनकी राजनीतिक दृष्टि प्रधान रहती थी। वर्तमान का बोध करते हुए भविष्य का स्वप्न देखते थे। मुक्तिबोध की जिन्दगी एक विशेष तरह के सौन्दर्यबोध से मंडित थी। उन्होंने अपने जातीय संस्कारों को आधुनिक ज्ञान से सम्बद्ध कर दिया था। मुक्तिबोध के महत्त्व के पीछे साहित्य की राजनीति भी रही है।