Vakroktijivitam / वक्रोक्तिजीवितम् (श्रीमद्राजानककुन्तक विरचितं)
Author
: Dasharath Dwivedi
  Rajanaka Kuntaka
Language
: Hindi
Book Type
: Text Book
Publication Year
: 2014
ISBN
: 9789351460152
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: xxxvi + 224 Pages, Size : Demy i.e. 21.5 x 14 Cm.

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एक रचना करता है तो दूसरा उसका आनन्द लेने में समर्थ होता है, किन्तु उभयवगुणविशिष्टï कतिपय ऐसे भी कृती पाये जाते हैं जो सर्जना की उज्ज्वल प्रतिभा से मण्डित होने के साथ उसका आनन्द प्राप्त करने में भी उतने ही पटु होते हैं। रचना के सद्सद् का विवेचक, काव्यतत्त्वज्ञ, काव्यपरीक्षक, काव्यालोचक इन तीनों से परे कोई एक ही होता है और प्राचीन भारतीय काव्यशास्त्र के इतिहास में ऐसे ही अद्वितीय काव्यतत्त्वज्ञ हैं आचार्य कृन्तक, जिनकी एकमात्र उपलब्ध किन्तु खण्डित कृति 'वक्रोक्तिजीवितÓ से संस्कृत काव्यशास्त्र की अमरबेल में एक और अपूर्व अभिनव वक्रोक्तिशाखा की लुनाई की विविध भङ्गïी छाया का प्रादुर्भाव हो गया है।