Agyeya : Shikhar Anubhutiyan / अज्ञेय : शिखर अनुभूतियाँ
Author
: Jwala Prasad Khetan
Language
: Hindi
Book Type
: Reference Book
Publication Year
: 2016
ISBN
: 9789351461227
Binding Type
: Hard Bound
Bibliography
: xii + 88 Pages, Size : Demy i.e. 22.5 x 14.5 Cm.

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डॉ० खेतान 'अज्ञेयÓ साहित्य के ग?भीर अध्येता रहे हैं। उन्होंने मनोविश्लेषणशास्त्र को आधार बनाकर 'अज्ञेयÓ की साहित्य-साधना के अन्तर्वर्ती सूत्रों का, उनकी गतिशील सर्जनात्मक मानसिक यात्रा का तथा उनके सर्जनात्मक व्यक्तित्व की अन्तिम तथा अतुलनीय विशिष्टता का विवेचन किया है। उनकी मान्यता है कि 'अज्ञेयÓ ने अपनी रचना-यात्रा के अन्तिम चरणों में अनेक दिव्य और पराभौतिक अनुभूतियों को व्यक्त किया है। जिस प्रकार संतों और योगियों की दिव्य तथा अलौकिक अनुभूतियों को ताॢकक विश्लेषणों के आधार पर नहीं समझा जा सकता, वैसे ही 'अज्ञेयÓ की इन अनुभूतियों को स?प्रेषित करने वाली कविताओं की व्या?या ताॢकक विश्लेषणों के आधार पर नहीं की जा सकती। लेखक ने लक्षित किया है कि 'अज्ञेयÓ की रचनाओं में ऐसे अनेक अनुभूति-चित्र बिखरे हुए हैं जिन्हें दिव्य या पराभौतिक कहा जा सकता है। लेखक ने प्रतिपादित किया है कि 'अज्ञेयÓ की रचना-यात्रा अन्धकार से प्रकाश, अनात्म से आत्म, मृत्यु से अमरत्व और जड़-संघातों का अतिक्रमण करके चैतन्य-लब्धि की यात्रा है। डॉ० खेतान के निष्कर्ष उनके दीर्घकालीन अध्ययन के परिणाम हैं। उनसे असहमति हो सकती है किन्तु उनके प्रतिपाद्य के महत्त्व को अस्वीकार नहीं किया जा सकता। उनकी पूर्व कृतियों की भाँति प्रस्तुत कृति का भी हिन्दी-जगत् स्वागत करेगा, ऐसा हमारा विश्वास है। —डॉ० रामचन्द्र तिवारी भूतपूर्व अध्यक्ष, हिन्दी विभाग गोरखपुर विश्वविद्यालय