Andher Nagari / अंधेर नगरी
Author
: Shri Bhartendu Harishchandra
Language
: Hindi
Book Type
: Text Book
Publication Year
: 2017, 4th Edition
ISBN
: 9788171248483
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: 48 Pages, Size : Crown i.e. 17.5 x 12 Cm.

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ङ्क्षजदादिली, देश-भक्ति और जीवंतता से भरपूर प्रहसन भारतेन्दु ने अनेक लिखे। अँधेर नगरी प्रहसन हैं। भारतेन्दु ने 'दसरूपकोंÓ या उपरूपकों में से उन्हीं स्वरूपों को अपनाया जो यथार्थपरक और युगीन संवेदना के संवाहक बन सकते थे। भाण, प्रहसन, रासक आदि नाट्य रूपों में जिस लोकरंजक शक्ति का समावेश है वे आज के विषम, विसंगतिपूर्ण माहौल में प्रासंगिक से लगते हैं। आज जब चारों ओर घूसखोरी, कालाबाजारी, जमाखोरी का बाजार गर्म है, साम्राज्यवादी ताकतें पुन: देश पर अपनी जकड़ मजबूत करती जा रही हैं। ऐसे में शोषित, त्रस्त जनता के लिए हास्य-व्यंग्यप्रधान इन नाटकों की अहमियत स्वयं सिद्ध है। देशी शासकों की चारित्रिक भ्रष्टता और धूर्तता को उजागर करने में ये पूरी तौर पर समर्थ हैं। ऐसे अन्तॢवरोधी माहौल में क्या 'अंधेर नगरीÓ नाटक की सार्थकता नहीं? 'अँधेर नगरीÓ की वह नाटक है जिसे आपातकाल में खेलने पर रोक लगा दी गयी थी। इसी से इसकी सार्थकता और प्रासंगिकता सिद्ध है।