Nibandhayana (Collection of Essay) / निबन्धायन
Author
: Nagendra Nath Upadhayaya
Language
: Hindi
Book Type
: Text Book
Publication Year
: 2015
ISBN
: 9788171249961
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: xxxii + 88 Pages, Size : Crown i.e. 17.5 x 11.5 Cm.

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निबन्धायन हिन्दी के प्रचलित निबन्ध-संग्रहोंं से भिन्न एक मौलिक निबन्ध-संग्रह है। इस संग्रह में 'निबन्धÓ शब्द का मूल अर्थ, न कि उसका व्यावहारिक अर्थ, ग्रहण कर यह संकलन प्रस्तुत किया गया है। निबन्ध का विषय नहीं, लेखक का व्यक्तित्व और उसकी शैली प्रधान होती है। प्रस्तुत संग्रह के निबन्ध प्रत्येक लेखक के व्यक्तित्व के नमूने हैं। इन निबन्धों का स?बन्ध लेखक के हृदय से है। इन्हें कविता तथा कहानी की कोटि में रखा जा सकता है। इनमें हृदय का उल्लास है, रागात्मकता है, जो सभी प्रकार के ललित साहित्य का मूल आधार होता है। आशा है मौलिक निबन्धों के प्रेमियों को यह पसंद आयेगा। —प्रकाशक अनुक्रम : 1. निबन्ध : सम्पादक / 2. काव्यगत सत्य : डॉ० भगीरथ मिश्र / 3. दीपावली : डॉ० हजारी प्रसाद द्विवेदी / 4. दद्दा : महान् व्यक्तित्व : डॉ० नगेन्द्र / 5. उत्साह : आचार्य रामचन्द्र शुक्ल / 6. कानों सुनी : डॉ० गुलाबराय / 7. तीन कब्रें : डॉ० रघुबीर ङ्क्षसह / 8. नया साल : श्री अमृतराय / 9. मेरी रूमाल खो गई : डॉ० विद्यानिवास मिश्र / 10. अखबार के शौकीन : श्री अक्षयकुमार जैन / 11. अध्यक्ष महोदय : श्री शरद जोशी