Aadhunik Kavyadhara / आधुनिक काव्यधारा
Author
: Dr. Vijaypal Singh
Language
: Hindi
Book Type
: Text Book
Publication Year
: 2015
ISBN
: 9788189498634
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: xxxii + 116 Pages, Size : Demy i.e. 21.5 x 13.5 Cm.

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इस आधुनिक काव्यधारा में मैथिलीशरण गुप्त, माखनलाल चतुर्वेदी, बालकृष्ण शर्मा 'नवीनÓ, जयशंकर प्रसाद, सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निरालाÓ, सुमित्रानन्दन पंत, महादेवी वर्मा, रामधारी ङ्क्षसह 'दिनकरÓ, सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन 'अज्ञेयÓ, गजानन माधव मुक्तिबोध, शमशेर बहादुर ङ्क्षसह तथा सुदामा पाण्डेय 'धूमिलÓ की कविताओं को लिया गया है। विद्वत्वर्ग तथा जनसाधारण वर्ग को दृष्टिï में रखते हुए आधुनिककालीन कवियों को समझने के लिए एक उपयोगी और महत्त्वपूर्ण भूमिका भी दी गई है। भूमिका में आधुनिककालीन प्रत्येक युग की सामान्य प्रवृत्तियों और समाज की चित्तवृत्तियों का विशेष रूप से चित्रण किया गया है। अनुक्रम : भूमिका, साकेत, यशोधरा (मैथिलीशरण गुप्त), पुष्प की अभिलाषा, कैदी और कोकिला (माखनलाल चतुर्वेदी), पराजय गीत, पथ-निरीक्षण (बालकृष्ण शर्मा 'नवीनÓ), लज्जा (कामायनी), मेरे नाविक (जयशंकर प्रसाद), सरोज-स्मृति, जागो फिर एक बार (सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निरालाÓ), परिवर्तन, नौका-विहार (सुमित्रानन्दन पंत), बीन भी हूँ मैं तुम्हारी रागिनी भी हूँ, मन्दिर का दीप (महादेवी वर्मा), हिमालय, नारी (रामधारी ङ्क्षसह 'दिनकरÓ), कलगी बाजरे की, नदी के द्वीप (सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन 'अज्ञेयÓ), अँधेरे में, चम्बल की घाटी में (गजानन माधव मुक्तिबोध), बात बोलेगी, एक पीली शाम (शमशेर बहादुर ङ्क्षसह), मोचीराम, धूमिल की अन्तिम कविता (सुदामा पाण्डेय 'धूमिलÓ)