Sardar Mane Sardar / सरदार माने सरदार
Author
: Shri Gunwant Shah
Language
: Hindi
Book Type
: General Book
Publication Year
: 1985
ISBN
: 9VPSMSH
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: xx + 64 Pages, Size : Crown i.e. 18.5 x 12.5 Cm.

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सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन कर्तव्य और जीवन विकास पर जितनी विवेचना होनी चाहिए थी उस प्रमाण में अब तक नहीं हुई है। उनके जीवन प्रक्रिया की बाबत पुस्तकों का अवलोकन करने पर ज्ञात होगा कि इनमें से अधिकतर पुस्तकें अंग्रेजी भाषा में लिखी गयी हैं। इन ग्रन्थों में सरदार साहब के जीवन के सात से आठ वर्ष के क्रिया-कलापों की बाबत विस्तार से घटनाक्रमों का विवरण पढ़ा जा सकता है। इनमें के राजनीतिक प्रसंगों का यश गान भी हुा है। ऐसा करते हुए सरदार के विकासक्रम के, उनके हृदय की ऋजुता के, हृदय के कोमल भावों को प्रकट करने वाले कितने ही सुन्दर पक्षों पर पूरा-पूरा ध्यान नहीं दिया गया है। अस्तु कुछ भ्रमों की वजह से कहीं-कहीं भारी अन्याय भी हुआ दिखायी पड़ता है। इस दृष्टि से एक या दो बड़े, सविस्तार, तटस्थ, तुलनात्मक जीवन चरित्रों की आवश्यकता है। ऐसे लेखक के लिए सहायक हो सकें ऐसे बारडोली और विलीनीकरण के दो पक्षोंं की बाबत डॉ० गुणवंत भाई शाह जैसे नूतन दृष्टि से विचार करने वाले महानुभाव ने बहुत-सी अध्ययनपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की हं और इनकी कीमत जितनी भी आँकी जाय कम ही होगी।