Hum Alakh Ke Swar Akinchan / हम अलख के स्वर अकिंचन
Author
: Anil Misra
Language
: Hindi
Book Type
: General Book
Publication Year
: 2001
ISBN
: 8171242790
Binding Type
: Hard Bound
Bibliography
: xii + 96 Pages, Size : Demy i.e. 22 x 14.5 Cm.

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जातक जब जन्म लेता है। तो उस मुहूर्त पर भारतीय ज्योतिष के अनुसार समस्त ग्रह उसकी जन्म कुण्डली मेंं उक्त समयानुसार स्थापित हो जाते हैं और जीवन पर्यन्त अपने प्रभाव को दर्शाते रहते हैं और व्यक्ति उसी के अनुसार अपना जीवन-यापन करता रहता है। इसमें तनिक भी संशय नहीं है कि श्री अनील मिश्र की कुण्डली मेंं शुक्र के साथ-साथ समस्त शुभ ग्रह उच्च स्थान को प्राप्त करके इन्हें उच्च अधिकारी के साथ-साथ साहित्य के पथ पर भी अग्रसर होने को बाध्य किये और यह कविता करने हेतु तृषावंत हो पड़े। माँ शारदा बड़ी दयालु व ममतामयी हैं अत: उसने श्री मिश्र को पुत्रवत् प्यार देते हुए प्रेरणा से ओत-प्रोत किया जिसके फलस्वरुप इनके लेखनी बरबस काव्य रस गंगा की धारा में प्रवाहित होने लगी और आज आप के स?मुख उनके द्वारा रचित हम अलख के स्वर अङ्क्षकचन प्रस्तुत है। वाग्देवी इन्हें नाम यश और श्रेष्ठ कवि बनाने में अपनी कृपा प्रदान करें यह मेरी प्रार्थना व शुभकामना है। किशन महाराज -