Babool / बबूल
Author
: Viveki Rai
Language
: Hindi
Book Type
: General Book
Category
: Hindi Novels / Fiction / Stories
Publication Year
: 2001
ISBN
: 9APBABOOLP
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: xvi + 128 Pages, Size : Demy i.e. 22 x 13.5 Cm.

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ग्रामीण जीवन के सशक्त कथाकार डॉक्टर विवेकी राय के उपन्यास 'बबूलÓ में समाज के सबसे दीन-हीन, असहाय, अवहेलित एवं सभी वर्गों द्वारा धकियाये जाने वाले मजदूर वर्ग का माॢमक एवं जीवन्त चित्र प्रस्तुत किया गया है। कथाकार ने इस आंचलिक उपन्यास में अपने गाँव को केन्द्र बनाकर गाजीपुर जनपद के पूर्वांचल के मजदूरों की ज्वलन्त समस्याओं एवं यातनाओं का दृश्य चित्र खींचा है जिसमें लगाव या चिपचिपाहट न होकर यथार्थता है परन्तु सपाटबयानी न होकर माॢमकता है। उपन्यास क्या है डायरी के कुल छब्बीस पन्ने हैं जिनमें फिल्म की रीलों जैसी अनेक तस्वीरें एक-एक करके सामने आती हैं। प्रत्येक अध्याय के शीर्षक का नामकरण उसमें वॢणत कथा की प्रधानता या पात्र की प्रमुखता के आधार पर किया गया है। कहीं पात्र प्रधान है तो कहीं घटना, कहीं पशु-पक्षी तो कहीं प्रकृति। बीच-बीच में लेखक के कथाकाररूप पर उसका निबन्धकार एवं रिपोर्ताज़ लेखक रूप आच्छादित हो गया है। यह परिवर्तन अपने आप में न होकर जानबूझकर उपन्यास शिल्प को नवीन रूप देने के लिए किया गया है। इससे उपन्यास की रोचकता और बढ़ गई है। निस्संदेह रूप से बबूल स्वातंत्र्योत्तर काल के पूर्वांचल के मजदूरों की गरीबी, शोषण और उन पर ढाहे जा रहे जोर-जुल्म का बेलौस चित्र प्रस्तुत करने वाला सफल उपन्यास है।