Lalit Nibandh : Avdharna Evam Srijan / ललित निबन्ध : अवधारणा एवं सृजन
Author
: Ashtabhuja Shukla
Language
: Hindi
Book Type
: Reference Book
Publication Year
: 2008
ISBN
: 9VPLNAESH
Binding Type
: Hard Bound
Bibliography
: 104 Pages, Size : Demy i.e. 22.5 x 14 Cm.

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अनुक्रम : स?पादकीय / 4 खण्ड-एक 1. ललित निबन्ध : प्रकृति और स्वरूप : रमाशंकर तिवारी / 2. हजारीप्रसाद द्विवेदी की दृष्टि में लालित्व-तत्त्व : रमेश कुन्तल मेघ / 3. लोकचेतना और शास्त्रचेतना (पं० विद्यानिवासमिश्र के ललित निबंधोंं में) : राममूॢत त्रिपाठी / 4. ललित निबंध और परसाई : परमानन्द श्रीवास्तव / 5. ललित निबन्ध : प्रासंगिकता को प्रश्न : राजेन्द्र यादव / लुप्त होते ललित निबंध : राजाराम भादू खण्ड दो 7. यात्रा के दौरान : शिवप्रसाद ङ्क्षसह / 8. अराजकता का दु:स्वप्न : कुबेरनाथ राय / 9. एक अकस्मात् : रमेशचन्द्र शाह / 10. चकोर नहीं, चटोर : ज्ञानेन्द्रपति / 11. खाती दीपमालिका, ठठाइयत सूप है : कृष्णबिहारी मिश्र / 12. धरती जगती रहे, जगाती रहे : विद्याविन्दु ङ्क्षसह / 13. मदारी की जबान में इतिहास का पाठ : उमेश प्रसाद ङ्क्षसह / 14. आ जा मेरी गाड़ी में बैछ जा : रंजना अरगड़े / 15. गढ़ गई है गर्मी : रामअवध शास्त्री / 16. फूलों की भाषा, कुमार गंधर्व के बोल : श्रीराम परिहार / 17. दु:स्वप्न : सजय गौतम