Manovigyan Ka Aitihasik Pariprekshya / मनोविज्ञान का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
Author
: Gayatri
Language
: Hindi
Book Type
: Text Book
Publication Year
: 2008
ISBN
: 9788171246267
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: viii + 464 Pages, Biblio., Size : Demy i.e. 21.5 x 13.5Cm.

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मनोवैज्ञानिक दृष्टिï से मानवीय व्यवहार को गहन व समुचित रूप से समझने के लिए मनोविज्ञान के इतिहास का ज्ञान आवश्यक है। इस क्षेत्र में हुए उत्तरोत्तर अनुसंधान कार्यो ने इसे सुगम बनाया है। इस पुस्तक के प्रथम अध्याय में प्राचीन यूनान में मनोविज्ञान के विकास के साथ-साथ सत्रहवीं शताब्दी से बीसवीं शताब्दी तक मनोविज्ञान के क्षेत्र में हुए कार्यों के उल्लेख के साथ ही मनोविज्ञान की दार्शनिक पृष्ठïभूमि, ब्रिटिश एवं जर्मन वैज्ञानिकों के योगदान, मनोविज्ञान की वैज्ञानिक पृष्ठभूमि, मेस्मर तथा नक्षत्र वैज्ञानिकों कै वैयक्तिक समीकरण का उल्लेख किया है। दुसरे अध्याय में प्रायोगिक मनोविज्ञान की संस्थापना, तृतीय में आधुनिक मनोविज्ञान का विकास, चतुर्थ में विभिन्न मनोवैज्ञानिक समकालीन संप्रदायों का वर्णन किया गया है। पाँचवें, छठें, सातवें एवं आठवें अध्यायों में मनोविज्ञान के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों, प्रत्यक्ष, अभिप्रेरणा, संवेग, चिन्तन, और नवें तथा दसवें अध्यायों में दो प्रमुख भारतीय मनोवैज्ञानिक चिन्तन धाराओं का भी उल्लेख किया गया है, जिनके अध्ययन एवं अभ्यास से जीवन में मन:शारीरिक तनावों से मुक्ति में सहायता मिल सकती है।