Paratantra Sadhana Path / परातन्त्र साधना पथ
Author
: Gopinath Kaviraj
Language
: Hindi
Book Type
: General Book
Category
: Adhyatmik (Spiritual & Religious) Literature
Publication Year
: 2016
ISBN
: 9788189498771
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: viii + 84 Pages, Append, Size : Demy i.e. 21 x 13.5 Cm.

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<div align="center"><b><font size="4" color="800000">परातन्त्र साधना पथ</font></b></div><div align="center"><font size="3"><br></font></div><div><font size="3">स्वनामधन्य विश्वविश्रुत मनीषी पं. गोपीनाथ कविराज को बाबा विशुद्धानंद का अन्यतम शिष्यत्व प्राप्त हुआ। बाबा द्वारा प्रतिपादित सेवा और कर्म द्वारा विज्ञान के अन्वेषण कार्य में अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। (देखिये 'योग तन्त्र साधना' पुस्तक का परिशिष्ट) गहन गम्भीर साधना के फलस्वरूप उनमें उद्भट पाण्डित्य प्रकाशित हुआ। कर्म, ज्ञान और भक्ति की त्रिवेणी का अजस्र श्रोत बढ़कर विश्वव्यापी हुआ। उनकी लेखनी को विश्व में व्याप्त लगभग सभी उल्लेखनीय साधना पद्धतियों एवं उनमें निहित सूक्ष्म भावों को प्रकाशित करने का गौरव प्राप्त है। यह उत्कृष्ट ज्ञान अनुभव सिद्ध था। अत: इसका समन्वयात्मक स्वरूप साधकों का पथ प्रदर्शित करता है। पूज्य बाबा द्वारा प्राप्त परातन्त्र धारा की 'आत्म क्रिया योग' पद्धति का कविराज जी ने अपने गम्भीर चिन्तन तथा तीव्र साधना से अत्यधिक परिष्कृत, वैज्ञानिक एवं सहज बनाया।</font><br></div><div><font size="3">अनुक्रम : 1. भारतीय साहित्य में परातन्त्र साधना षट्चक्र-भेदन षट्चक्र-भेदन की परिणति विश्व सृष्टि का आधार परमशिव 2. सर्वमुक्ति एवं नवमुण्डी आसन 3. अद्वय तत्त्व के विभिन्न रूप 4. देह और कर्म 5. महाशक्ति का स्वरूप 6. शक्ति-साधना 7. ज्ञानगंज के सिद्ध महायोगी स्वामी विशुद्धानंद; परमहंस देव; 8. अखण्ड महायोग और ज्ञानगंज धारा 9. परिशिष्ट</font></div>