Hindi Sahitya Ka Itihas / हिन्दी साहित्य का इतिहास
Author
: Ramchandra Shukla
  Ramchandra Tiwari
Language
: Hindi
Book Type
: Reference Book
Category
: Hindi Literature - History
Publication Year
: 2017
ISBN
: 9788171249558
Binding Type
: Hard Bound
Bibliography
: 52 + 504 Pages; Append; Biblio; Size : Demy i.e. 22.5 cm x 14.5 cm

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आचार्य रामचन्द्र शुक्ल हिन्दी के युग-निर्माता, विचारक एवं आचार्य हैं। जिस समय हिन्दी के साहित्यकार भाषा और साहित्य के सामान्य प्रश्नों को सुलझाने का बाल प्रयास कर रहे थे, उस समय शुक्लजी अपने साहित्यिक परिवेश का अतिक्रमण कर साहित्य दर्शन, मनोविज्ञान, इतिहास, विज्ञान आदि अनेक क्षेत्रों की नवीनतम उपलब्धियों को आत्मसात करके हिन्दी के मौलिक काव्यशास्त्र की आधारशिला रखकर विचार और चिन्तन के क्षेत्र में एक नये युग का निर्माण कर रहे थे। नि:सन्देह एक कोश निर्माता, इतिहासकार, निबन्ध लेखक, अनुवादक, आलोचक, ?पादक और रचनाकार के रूप में आचार्य शुक्ल का अवदान अन्यतम है। इन सभी क्षेत्रों में उन्होंने पथ-प्रवर्तन का कार्य किया है। यह सर्वस्वीकृत तथ्य है कि आचार्य शुक्ल ने हिन्दी-साहित्य के इतिहास का एक  'पक्का और व्यवस्थित ढाँचापहली बार खड़ा किया है। आचार्य शुक्ल का उद्देश्य भी यही था जिसमें वे पूर्णत: सफल हुए हैं। सीमित समय में अपर्याप्त सामग्री को सामने रखकर हिन्दी-साहित्य का जो इतिहास आचार्य शुक्ल ने प्रस्तुत किया है, उससे व्यवस्थित, प्राणवान्, प्रभावी और व्यक्ति-वैशिष्टïय-प्रतिपादक इतिहास आज तक दूसरा नहीं लिखा गया है।डॉ० रामचन्द्र तिवारी

 इतिहास-लेखन में रामचन्द्र शुक्ल एक ऐसी क्रमिक पद्धति का अनुसरण करते हैं जो अपना मार्ग स्वयं प्रशस्त करती चलती है। विवेचन में तर्क का क्रमबद्ध विकास ऐसे है कि तर्क का एक-एक चरण एक दूसरे से जुड़ा हुआ, एक दूसरे में से निकलता दिखेगा। इसीलिए पाठक को उस पर चलने में सुगमता होती है, जटिल से जटिल प्रसंग आसानी से हृदयंगम हो जाता है।रामस्वरूप चतुर्वेदी