Prachin Bharat Mein Yaksha Pooja / प्राचीन भारत में यक्ष पूजा
Author
: Kamlesh Dubey
Language
: Hindi
Book Type
: General Book
Category
: Adhyatmik (Spiritual & Religious) Literature
Publication Year
: 2004, First Edition
ISBN
: 8171243665
Binding Type
: Hard Bound
Bibliography
: 152 Pages; 24 Photo; Size : Demy i.e. 22.5 x 14.5 Cm.

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<div align="center"><font size="4" color="993300">प्राचीन भारत में यक्ष पूजा</font></div><div><font size="2">प्राचीन भारतीय धर्म और कला में लोकजीवन को विशेष महत्त्व प्रदान किया गया है विभिन्न धार्मिक आस्थाओं में जहाँ एक ओर मुख्य देवों को मान्यता मिली, वहीं दूसरी ओर उन अधिदेवों को भी मान्यता मिली जो मुख्यत: धर्म के लौकिक पक्ष से जुड़े थे। इन्हीं लौकिक देवताओं की श्रेणी में यक्ष एक महत्त्वपूर्ण देवता हैं।</font></div><div><font size="2">यक्ष-पूजा लोकधर्म में निरन्तर दिखायी देती है। किन्तु यक्ष-मूर्तियों एवं यक्ष पूजा का कालक्रमानुसार समुचित अध्ययन एवं व्याख्या अभी तक उपेक्षित थी। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए यक्ष-पूजा एवं उनकी मूर्तियों को इतिहास-क्रम में रखने का प्रयास किया गया है।</font></div><div><font size="2">प्रत्येक मूर्ति की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उनके स्वरूप, मुद्राएँ, आभूषण आदि के विवरणों का विशेष विश्लेषण करते हुए इन मूर्तियों की परस्पर विशेषताओं का तुलनात्मक विवेचन किया गया है।</font></div><div><font size="3"><font size="2">अन्त में यक्षों की देवरूपों में मान्यता, उपासना देवस्वरूप मूर्ति, तत्सम्बन्धी लक्षण, भक्त आदि दृष्टिकोणों से प्राप्त सामग्री का विवरण दिया गया है। इससे यह ज्ञात होता है कि लोक परम्परा में आज भी किसी न किसी रूप में यक्ष पूजा विद्यमान है।</font><br></font></div><div><br></div>