Srishti aur Uska Prayojan (Based on God Speaks by Meher Baba) / सृष्टि और उसका प्रयोजन (मेहेर बाबा के गॉड स्पीक्स पर आधारित)
Author
: Shivendra Sahai
Language
: Hindi
Book Type
: General Book
Category
: Adhyatmik (Spiritual & Religious) Literature
Publication Year
: 2002
ISBN
: 8171243061
Binding Type
: Paper Back
Bibliography
: xvi + 76 Pages, Append., Size : Demy i.e. 21.5 x 14 Cm.

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'गॉड स्पीक्स' के अनुसार सृष्टि के अन्तर्गत आत्मा की चेतना का विकास वस्तुत: अचेतन ब्रह्मï की चेतन परमात्मा की ओर यात्रा है। ईश्वर जो अनादि तथा अखण्ड है, अनेक स्वरूपों में विभिन्न प्रकार के अनुभव करता हुआ, स्वयं अपने ही द्वारा निर्धारित बंधनों को पार करते हुए अन्तत: मानवस्वरूप के पुनर्जन्म व अन्तर्मुखी यात्रा के द्वारा आत्म-चेतना प्राप्त करता है। विषय सूची : भाग एक : चेतना की अवस्थाएँ, मूल लहर एवं विकासशील चेतना की यात्रा, प्रथम संस्कार, आत्मा की चेतना द्वारा संस्कारों का अनुभव, प्राण व मन, मानवीय चेतना के विभिन्न पहलू (निद्रा, स्वप्न व जागृत अवस्थायें-स्वप्न में भविष्य की झलकियाँ—भूत, वर्तमान एवं भविष्य), दैवी स्वप्न, ब्रह्मïा-विष्णु-महेश तथा महाप्रलय, भाग दो : पुर्नजन्म, भाग तीन : प्रत्यावर्तन अर्थात् मुक्तिपथ पर चेतना की अन्तर्मुखी यात्रा, भाग चार : पूर्णता, ईश्वरीय यात्रा, निर्वाण, निर्विकल्प समाधि, सहज समाधि, तुरियावस्था, परमहंस, जीवनमुक्त सदगुरु अवतार, भाग पाँच : परमात्मा की दस अवस्थायें, अवर्तनीय ब्रह्मï से जागृत देवत्व, उपसंहार। परिशिष्ट : 1. लहर, 2. कुछ नहीं (सृष्टि), 3. द्वैत, 4. माया, 5. संस्कार, 6. नर्क तथा स्वर्ग, 7. स्वप्न में भविष्य दर्शन (एक दृष्टान्त), 8. आत्महत्या।